दीवाली लक्ष्मी पूजा विधि (Diwali Lakshmi Puja Vidhi)
दीपावली का त्योहार कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। यह सुख, समृद्धि और अंधकार पर प्रकाश की विजय का महापर्व है।
१. गणेश-लक्ष्मी पूजा (Ganesh-Lakshmi Puja)
दीवाली की मुख्य पूजा प्रदोष काल (शाम के समय) में की जाती है।
पूजा की तैयारी:
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
- उस पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
- कलश स्थापना करें और नवग्रहों का ध्यान करें।
पूजा विधि:
- सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें।
- फिर माता लक्ष्मी का षोडशोपचार पूजन (१६ चरणों वाली पूजा) करें।
- उन्हें कमल का फूल, कौड़ी, कमलगट्टा और मिठाई अर्पित करें।
महालक्ष्मी बीज मंत्र
२. श्री सूक्तम पाठ (Shri Suktam)
लक्ष्मी पूजा के दौरान श्री सूक्तम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है।

Shri Suktam | श्री सूक्तम्
ऋग्वेदोक्त श्री सूक्तम् का संपूर्ण पाठ। दीपावली और लक्ष्मी पूजा पर इसके पाठ से सुख, समृद्धि और वैभव प्राप्त होता है।
पढ़ें →३. लक्ष्मी आरती (Lakshmi Aarti)
पूजा के अंत में पूरे परिवार के साथ माता लक्ष्मी की आरती करें।

Om Jai Lakshmi Mata Aarti | ओम जय लक्ष्मी माता आरती
दीपावली और लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे लोकप्रिय पारंपरिक आरती 'ओम जय लक्ष्मी माता' हिंदी में।
पढ़ें →संबंधित पाठ

Diwali Vrat Katha | दीपावली व्रत कथा
दीपावली त्योहार की प्राचीन पौराणिक व्रत कथाएं। इसमें साहूकार की बेटी और राजा बलि की पावन कथा शामिल है।
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Shri Ganesh Chalisa | श्री गणेश चालीसा
भगवान श्री गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए श्री गणेश चालीसा का पाठ करें।
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Shri Lakshmi Chalisa | श्री लक्ष्मी चालीसा
धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति के लिए माँ लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
पढ़ें →इस पूजा विधि को साझा करें
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