Bhagwan BhaktiBhagwan Bhakti
EN|हि
WhatsApp
← वापस मुख्य पृष्ठ पर
Sharad Navratri Puja Vidhi | शारदीय नवरात्रि पूजा विधि - Puja Bhagwan Bhakti

Sharad Navratri Puja Vidhi | शारदीय नवरात्रि पूजा विधि

॥ शारदीय नवरात्रि पूजा विधि ॥

नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह विधि सरल है ताकि आप घर पर श्रद्धापूर्वक इसे संपन्न कर सकें।

तैयारी (Checklist for Everyone)

पूजन शुरू करने से पहले ये चीजें एकत्रित कर लें:

  • मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो
  • कलश (मिट्टी, तांबे या पीतल का)
  • नारियल (लाल चुनरी में लिपटा हुआ)
  • मिट्टी का पात्र और जौ (जवारे बोने के लिए)
  • गंगाजल, अक्षत (चावल), रोली, सिंदूर
  • धूप, दीप, कपूर और ताजे फूल

चरण 1: घटस्थापना (कलश स्थापना)

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है:

  1. मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
  2. कलश में गंगाजल और जल भरें। कलश पर कलावा बांधें और स्वास्तिक बनाएं।
  3. कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें।
  4. लाल कपड़े में लिपटा नारियल कलश के ऊपर रखें।
  5. कलश को जौ वाले पात्र के बीच में स्थापित करें।

चरण 2: संकल्प और ध्यान

हाथ में जल और अक्षत लेकर संकल्प लें कि आप नौ दिनों तक मां की भक्ति करेंगे। मां दुर्गा का ध्यान करें।


चरण 3: दैनिक पूजन प्रक्रिया

हर दिन सुबह और शाम को यह क्रम अपनाएं:

  1. दीपक जलाएं।
  2. मां को तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें।
  3. मंत्र जप (Mantra Card):

    नवार्ण मंत्र

    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

    हे महासरस्वती (ऐं), हे महालक्ष्मी (ह्रीं), हे महाकाली (क्लीं)! चामुण्डा (दुर्गा) के रूप में आपकी जय हो और हमें ज्ञान व मोक्ष प्रदान करें।

    (इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें)
  4. पाठ करें:
    Shri Durga Chalisa | श्री दुर्गा चालीसा

    Shri Durga Chalisa | श्री दुर्गा चालीसा

    माँ दुर्गा की स्तुति में श्री दुर्गा चालीसा का पाठ करें और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें।

    पढ़ें →
  5. कथा पढ़ें:
    Navratri Vrat Katha | नवरात्रि व्रत कथा

    Navratri Vrat Katha | नवरात्रि व्रत कथा

    नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत की कथा, महत्व और पूजा विधि।

    पढ़ें →

चरण 4: आरती और भोग

पूजा के अंत में मां को फल या मिठाई का भोग लगाएं और आरती करें:

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti | अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti | अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती

माँ दुर्गा की प्रसिद्ध आरती 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' के हिंदी बोल।

पढ़ें →
Jai Ambe Gauri Aarti | जय अम्बे गौरी आरती

Jai Ambe Gauri Aarti | जय अम्बे गौरी आरती

Jai Ambe Gauri Aarti lyrics in Hindi. जय अम्बे गौरी आरती के पूर्ण और शुद्ध बोल।

पढ़ें →

विशेष दिन (Special Days)

  • अष्टमी/नवमी: इस दिन विशेष हवन और कन्या पूजन किया जाता है।
  • दशमी (विजयदशमी): कलश विसर्जन और मां को विदाई दी जाती है।

(पूजा विधि संपन्न)

इस पूजा विधि को साझा करें

भक्ति का प्रसार करें

WhatsApp

हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

आरती, चालीसा और दैनिक अनुष्ठानों की समय पर अपडेट सीधे अपने फोन पर प्राप्त करें।

अभी जुड़ें
AaAa