धनतेरस पूजा विधि (Dhanteras Puja Vidhi)
धनतेरस का पर्व सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वन्तरि, माता लक्ष्मी, कुबेर देव और यमराज की पूजा का विधान है।
१. धन्वन्तरि पूजा (Dhanvantari Puja)
भगवान धन्वन्तरि आयुर्वेद के देवता हैं। अच्छी सेहत के लिए उनकी पूजा की जाती है।
विधि:
- ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक चौकी स्थापित करें।
- भगवान धन्वन्तरि की तस्वीर या मूर्ति रखें।
- उन्हें गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
धन्वन्तरि मंत्र
ॐ धन्वन्तरये नमः
२. कुबेर पूजा (Kuber Puja)
कुबेर देव धन के देवता हैं। समृद्धि के लिए उनकी पूजा की जाती है।
विधि:
- धन के स्थान (तिजोरी) या पूजा घर में कुबेर यंत्र या चित्र रखें।
- उन्हें हल्दी, कुमकुम और पुष्प अर्पित करें।
कुबेर मंत्र
ॐ कुबेराय नमः
३. यम दीपदान (Yam Deepdan)
अकाल मृत्यु से बचने के लिए शाम के समय यमराज के लिए दीपदान किया जाता है।
विधि:
- आटे का एक चौमुखा दीपक बनाएं।
- उसमें तिल का तेल डालें।
- घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक रखें।
यम दीपदान मंत्र
मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यजः प्रीयतां मम॥
हाथ में पाश धारण करने वाले मृत्युदेव यमराज अपनी पत्नी के साथ इस दीपदान से प्रसन्न हों और मुझे अकाल मृत्यु से बचाएं।
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