॥ आरती (वेंकटेश्वर) — बालाजी की आरती ॥
श्री वेंकटेश्वर की आरती बालाजी के चालीसा स्वरूप में गायी जाती है।
जय वेंकटेश्वर, जय पाधुकाविनोद। श्री बालाजी देव, कानन मणि कानन की शिमरो।। वासुदेव के अवतार, धन्य गोखंडा धारी। कर्मपथ के रक्षणकर्ता, भक्तों के कल्याण दाता।। धनु, शंख, चक्र, कमल, चारु भव चेतना। किरणों से जग झूमे, थिर ध्वजारोहण गीता।। श्री वरदहस्त, गरुड़वाहन पालि, रक्षक परिश्रमी। जय वेंकटेश्वर नारायण, भक्तों में शांति बनी।।
(आरती समाप्त)
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