भगवान धन्वन्तरि आरती
यह आरती भगवान धन्वन्तरि को समर्पित है, जो आयुर्वेद के देवता और भगवान विष्णु के अवतार हैं। धनतेरस पर आरोग्य सुख की कामना के लिए इनकी पूजा की जाती है।
जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि देवा। अमृत कलश लिए कर में, जन-जन की सेवा॥
तुम हो आदि वैद्यराज, सुर-असुर पूजित। रोग-शोक का नाश करो, काया हो सुख-चित॥
चार भुजाधारी प्रभु, शंख-चक्र धारी। जड़ी-बूटी का ज्ञान दिया, महिमा है भारी॥
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, प्रगटे सागर से। आयुर्वेद का दान दिया, पूर्ण दया कर से॥
जो कोई आरती गावे, रोग-मुक्त होवे। सुख-समृद्धि पावे, कष्ट सब खोवे॥
जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि देवा। अमृत कलश लिए कर में, जन-जन की सेवा॥
(आरती समाप्त)
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