Bhagwan BhaktiBhagwan Bhakti
EN|हि
WhatsApp

॥ आरती (नंदलाल) — नंदलाल की बाल लीला ॥

नंदलाल की आरती से, ब्रजभूमि गूंज उठे।

जय नंदलाल गोपाल, जय नंदलाल गोपाल। बंशीधर राधा नाथ, मुरलीधर रंग भरी कला।। पिहू पान डमरु लहर, कान्हा मुस्कान चकित। बाल गोपाल माखन चोरी, नयन चंचल नित नवीन।। गोपियाँ राधा संग फिरें, गोकुल में रास रस बरसे। श्री नंदलाल की आरती, भक्त मन मोरा मिटावे सुस्ती।।

(आरती समाप्त)

इस आरतियां को साझा करें

भक्ति का प्रसार करें

WhatsApp

हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

आरती, चालीसा और दैनिक अनुष्ठानों की समय पर अपडेट सीधे अपने फोन पर प्राप्त करें।

अभी जुड़ें
AaAa