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Vitthal Aarti | विठ्ठल/विठ्ठोबा आरती - Aarti Bhagwan Bhakti

Vitthal Aarti | विठ्ठल/विठ्ठोबा आरती

॥ आरती (विठ्ठल) — विठ्ठोबा भक्तों की आरती ॥

विठ्ठल पताका के चरणों में, भक्तों का जीवन धन्य होता है।

जय विठ्ठल विठ्ठल, जय विठ्ठल विठ्ठल। एक विठ्ठा, दो विठ्ठा, त्रिकाल विठ्ठबानी सदा मंगल।। विठ्ठल विठ्ठल, मुकुट विष्णु का, रश्मि चंदन सुशोभित। भक्त जन करते गान, राधा नाम रस भरी रचित।। पंढरपुर धाम में गूंजे, डोंगर तुंग वैकुण्ठ बानी। शरण आयें जो हरि चरण, पाप शुद्ध हो कान्हा वाणी।। जय विठ्ठल, जय विठ्ठल, विठ्ठल विठ्ठल भजे भवानी। संकट कटे, प्रेम पावे, दीन दयाल कुन्तलानी।।

(आरती समाप्त)

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