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Navarna Mantra and Sarvamangal Mangalye | नवार्ण मंत्र और सर्वमंगल मांगल्ये - Mantra Bhagwan Bhakti

Navarna Mantra and Sarvamangal Mangalye | नवार्ण मंत्र और सर्वमंगल मांगल्ये

नवार्ण मंत्र (Navarna Mantra)

नवार्ण मंत्र माँ दुर्गा की नौ शक्तियों को जागृत करने वाला अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है।

मंत्र: ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

अर्थ:

  • ऐं: सरस्वती का बीज मंत्र (ज्ञान)।
  • ह्रीं: लक्ष्मी का बीज मंत्र (ऐश्वर्य)।
  • क्लीं: काली का बीज मंत्र (शक्ति)।
  • चामुण्डायै: चामुण्डा देवी (बुराई का नाश करने वाली)।
  • विच्चे: समर्पण और चेतना।

सर्वमंगल मांगल्ये (Sarvamangal Mangalye)

यह श्लोक किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में माँ गौरी का आशीर्वाद लेने के लिए पढ़ा जाता है।

श्लोक: सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

अर्थ: हे देवी! आप सभी मंगलों में मंगल स्वरूप हैं। आप कल्याणकारी हैं और समस्त कार्यों को सिद्ध करने वाली हैं। हम आपकी शरण में हैं। हे तीन नेत्रों वाली नारायणी गौरी! आपको हमारा बारंबार नमस्कार है।

(मंत्र समाप्त)

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