महालक्ष्मी वैभव प्राप्ति मंत्र
यह माता महालक्ष्मी का अत्यंत प्रभावशाली तांत्रिक बीज मंत्र माना जाता है। दीपावली, धनतेरस या शुक्रवार के दिन कमल गट्टे की माला से इस मंत्र का जाप करने से घर की घोर दरिद्रता का नाश होता है और कुबेर के समान ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
मूल मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥
बीज अक्षरों का महत्व:
- ॐ (Om): ब्रह्मांड की आदि ध्वनि, परमात्मा का सूचक।
- श्रीं (Shreem): माता लक्ष्मी का मुख्य धन बीज अक्षर, जो ऐश्वर्य और समृद्धि को आकर्षित करता है।
- ह्रीं (Hreem): भुवनेश्वरी माता का बीज अक्षर, जो शक्ति, ऊर्जा और बाधा मुक्ति का प्रतीक है।
- कमले कमलालये (Kamale Kamalalaye): कमल के आसन पर विराजमान होने वाली माता महालक्ष्मी।
- प्रसीद प्रसीद (Praseed Praseed): मुझ पर प्रसन्न होइए, दया कीजिए।
जप विधि:
- दीपावली या किसी भी शुक्रवार को सूर्योदय से पूर्व या संध्याकाल में लाल वस्त्र धारण कर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सम्मुख घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- कमलगट्टे या स्फटिक की माला से इस मंत्र का कम से कम १०८ बार (१ माला) जाप करें।
(मंत्र समाप्त)
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