॥ आरती (शीतला माता) — रोग हरने वाली माता ॥
शीतला माता की आरती, ठंडी धूप अविरल।
जय शीतला माता, ठंडी तुलसी दामिनी। करुणा की भगवती, रोग भय नाशिनी।। स्फटिक माला, कमल पद, झूमे गंध पुष्प सवारी। शीतला माता की आरती, आहार-व्याहार में प्यारी।। चरण लगाकर जो भक्त, ज्वर पाप तामसी मिटे। मैया शीतला करुणा दान, जीवन विजय सिध्धि लेवें।। जय शीतला माता, जय जय शीतला माता। भक्ता पर प्रसन्नता दे, सुन्दर आरोग्य समुता।।
(आरती समाप्त)
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