॥ आरती (सरस्वती माता) — ज्ञान की देवी ॥
यह आरती सरस्वती माता के विनय और विद्या गुण का स्तव है।
ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। ज्ञान वाक्पटुता धान्य धारिणी, मनोरथ साधिका माता।। वीणा हाथ में रजनीश, कमल चरण न्यारी। चंद्र मुख, मोतियों की माला, ब्रह्माणी ब्रह्मा वंद्या माता।। विद्या विज्ञान राह प्रदा, अज्ञान के तम नाश करो। ज्ञान दीप से जग आलोकित, भद्र गुणों का प्रकाश करो।। शरण आये जो भक्त तेरा, शत्रु दुष्ट सब दुर्लभ हो। श्री गंध, पुष्प, धूप, दीप अर्पित करें, मनोशांति से झरो। जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता। पूजा करे जो श्रद्धा से, सदा विद्या का दान दे।।
(आरती समाप्त)
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