॥ आरती (माता रानी) — माता रूपा स्तुति ॥
माता रानी तेरी आरती, अर्पित हाथों में भक्ति।
जय माता रानी, वाणी गूंजे स्वर्ण कंठ धारी। त्रिपुरा रत्न विभूषण, नवरात्रि शीतल सवारी।। धूप दीप दशा उजियारा, माला नयन चंदन। भक्ति रूप बूंदें सबका, विरहित हृदय मंदन।। जय माता रानी, जय माता रानी, संकट हर बड़ी। सौरभिमय चरणों में, आशा जीवन समृद्धि बढ़ी।।
(आरती समाप्त)
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