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Maha Mrityunjaya Mantra | महामृत्युंजय मंत्र - Shiva Bhagwan Bhakti

Maha Mrityunjaya Mantra | महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

अर्थ:

हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और जो समस्त जीवों का पोषण करते हैं। जिस प्रकार एक ककड़ी अपनी बेल के बंधन से मुक्त हो जाती है, उसी प्रकार वे हमें मृत्यु के चक्र से मुक्त करें और अमरता की ओर ले जाएं।

(मंत्र समाप्त)

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