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॥ आरती (गौरी माता) — अपरम्पर सहयोगी ॥

जय गौरी माता, मैया जय गौरी माता।

जय गौरी माता, मैया जय गौरी माता। स्निग्ध वस्त्र सुवर्ण आवरित, सुख में देने वाली माता।। कनक मुकुट बाल साजे, मुस्कान मधुर विलासी। होली लाली पहना कर, गोबर, अबीर धूसर रश्मि।। जय गौरी रानी, नमो नमो भाँति भाँति। गौर गोरी रूप शंभु की, कण्ठ में माला दिव्य।। तुम्हें ध्यावे जो नर नारी, जीवन सुधर जाये। गौरी आरती गाती है, भक्तों की पीड़ा हराये।।

(आरती समाप्त)

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