॥ आरती (श्रीराम) — मर्यादा पुरुषोत्तम ॥
यह आरती भगवान श्रीराम को समर्पित है, जिन्होंने धर्म की रक्षा की।
श्रीराम जी की आरती करत हूँ, श्रीराम जी की आरती। जो कोई मन को वचन में गावै, पावै सुख अपार भारी।।
राम राज सुख समय, त्रेता के राजा। दशरथ के लाल प्रिय, अयोध्या के राजा। सीता सुख को पाकर, रामराज अधिकार। जगत जनक जग पालक, राम रघुवर प्यार।।
धर्म धारक धीर धीरज, सत्य सनातन पथ। रावण राज विनाशक, लंका विजय रथ। सीता सुर्म सुशील सीलवती, राम रमण की धर्मपत्नी। जनक जनन जग जन्मदाता, राम राज अब राज्य रानी।।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम, धर्म ध्वज हर। त्रिलोक पालक राम, अव्यय अनादि शरीर। सत्य प्रतिज्ञ सदा सुजान, दीन सेवक दीन बन्धु। राम राम कहु भक्त मन, सकल सुख पावै तुरन्त।।
जय जय राम राम, जय राघवेन्द्र। जय राम राम राम, जय सीता राम। जय दशरथ तनय, जय राम मोहन। जय धर्म ध्वज राम, सकल सुख सोहन।।
(आरती समाप्त)
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