Bhagwan BhaktiBhagwan Bhakti
WhatsApp
← वापस मुख्य पृष्ठ पर

Ayyappa Aarti | अय्यप्पा आरती

॥ आरती (अय्यप्पा) — शृंगार विग्रह की आरती ॥

अय्यप्पा स्वामी शरण, धर्म-ध्वज धरनिहार।

जय अय्यप्पा, जय अय्यप्पा, शेषनाग भागिनी शरण।। कौशल्या ताम्रवार विभु, तिरुपति अंश आदर। किच्छा कर जो मनुज बैठे, सुमना स्नेह सागर।। माल्या गले, भुजा उठे, वीणा स्पर्श संग नरनारी। हरि नाम का जप जो करे, पावै मोक्ष-मार्ग सार। अय्यप्पा नाथ की आरती, भक्तों की कुशल याचना। जय अय्यप्पा, जय अय्यप्पा, सच्चिदानन्द स्वरूपना।।

(आरती समाप्त)

WhatsApp

हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

आरती, चालीसा और दैनिक अनुष्ठानों की समय पर अपडेट सीधे अपने फोन पर प्राप्त करें।

अभी जुड़ें
AaAa