Bhagwan BhaktiBhagwan Bhakti
WhatsApp
← वापस मुख्य पृष्ठ पर

Jagannath Aarti | जगन्नाथ आरती

॥ आरती (जगन्नाथ) — त्रिपुरा रथ का अर्चन ॥

जगन्नाथ जी की आरती में समुद्र, रथ और भक्तों की माला गूंजती है।

जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ। जगतराधीश, त्रिपुरा रथ पर धरणी शिरोमणि महाबली।। कृष्ण रूप, बलराम शरण, सुभद्राके सखी जो संगवारी। भक्तों के भुजों में झूले, सागरलहर से निकले ताली।। दर्पण में गूंजे नाम तेरा, मंदिर झूमे नीर भूतल। अलौकिक दर्पण सजता, तत्त आकाश बुलन्द सूर्यौज्जवल।। जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ। कृपा करो भवभय-हरन, शरणागत मनुश्यों के साथ।।

(आरती समाप्त)

WhatsApp

हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें

आरती, चालीसा और दैनिक अनुष्ठानों की समय पर अपडेट सीधे अपने फोन पर प्राप्त करें।

अभी जुड़ें
AaAa